भारत के राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह: एक परिचय

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हर देश की अपनी एक पहचान होती है। उसका नाम होता है, एक झण्डा होता है, उसका अपना एक राष्ट्रीय चिन्ह और एक सार्वमुद्रा (seal) होती है, जिसके लगने से एक प्रपत्र या आदेश, सरकारी आदेश या प्रपत्र कहलाता है। देश का अपना एक राष्ट्रीय गान होता है। इसी प्रकार उसके कुछ अन्य पहचान चिन्ह भी होते हैं। कुछ विशेष  चिन्ह देश की पहचान होते हैं तो कुछ देश की किसी  महत्वपूर्ण वस्तु को पहचान दिलाने के लिए चयनित होते हैं।

हमारे देश का नाम भारत या भारत गणराज्य (Republic of India) है। इसे हम हिंदुस्तान भी पुकारते हैं। भारत नाम ‘सगर पुत्र भरत’ के नाम पर रखा माना जाता है। जबकि India सिंधु नदी (Indus) से आया है, क्योंकि भारत पहुँचने के लिए सिंधु को पार करना होता था।

आइए जानते हैं अपने देश भारत के राष्ट्रीय पहचान (या प्रतीक) चिन्हों (National Identity Elements) के बारे में।

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राजकीय प्रतीक (State Emblem) – भारत का राजकीय प्रतीक सारनाथ, वाराणसी से प्राप्त सम्राट अशोक की लाट स्तम्भ (Lion Capital of Ashoka) से चयनित है। अशोक की लाट में ऊपर 4 सिंह एक से एक पीठ सटाए बैठे हैं। सिंह एक गोल चौकी या मण्ड पर विराजमान हैं जिस पर सिंहों के नीचे एक-एक धर्म-चक्र बना हुआ है। धर्म-चक्रों के बीच में चार पशु बने हुए हैं – सिंह, हाथी, बैल और चौकड़ी भरता घोड़ा। यह चौकी एक औंधे/उल्टे  कमल की पंखुड़ियों पर स्थित है जिसके नीचे बेलनाकार दंड है। राष्ट्रीय चिन्ह में इस स्तम्भ के ऊपरी भाग के केवल सिंह और चौकी का ही हिस्सा है। इसमें हमें केवल तीन ही सिंह प्रतीत होते हैं क्योंकि चिन्ह दो आयामी है अतः पीछे वाला सिंह दृष्टिगोचर नहीं है। सामने का एक चक्र पूरा है और दायें-बाएं के चक्रों की केवल धुरी दृष्टिगोचर होती है। चक्र में 24 तीलियाँ हैं। चक्र के एक तरह (हमारे दाईं ओर) बैल और दूसरी तरफ घोड़ा है। लाट के इस भाग के नीचे ‘मुण्डकोपनिषद’ का सूत्र ‘सत्यमेव जयते’ (जिनका अर्थ है कि सत्य ही विजयी होता है) देवनागरी में अंकित हैं जो भारतीय जीवन पद्धति  की पहचान और राजकीय प्रतीक का अभिन्न भाग हैं। इस चिन्ह को भारत द्वारा 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया था।

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राष्ट्रीय ध्वज (National Flag) – भारत का राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ कहलाता है। इसे भारत की संविधान सभा ने देश की आजादी के कुछ दिन पहले 22 जुलाई 1947 की बैठक में चुना था। यह समस्तरीय क्षैतिज आकार में लंबाई-चौड़ाई के 3:2 अनुपात में तीन रंगों का ध्वज है। सबसे ऊपर केसरिया (Hex #FF9933), बीच में सफेद (Hex #FFFFFF) और सबसे नीचे भारतीय हरा (Hex #138808) रंग हैं। बीच के सफेद रंग की पट्टी पर नेवी नीले रंग (Hex #000080) में 24 तीलियों वाला चक्र अंकित है। तिरंगे की रूप-रेखा आंध्र प्रदेश के श्री पिंगलि वेंकय्या ने तैयार की थी। तिरंगे के विस्तृत मानक भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित हैं और इसको प्रयोग करने के विधि भारतीय ध्वज संहिता से नियंत्रित होती है। केसरिया रंग देश के बल और पराक्रम को, सफेद शांति की भावना और सत्यता को, और हरा रंग देश की मिट्टी की उर्वरता, विकास तथा शुभता को इंगित करता है। बीच में नीला धर्म चक्र प्रदर्शित करता है कि गति और निरन्तरता में ही जीवन है। ध्वज के नौ आकार अधिकृत हैं।

राष्ट्र गान: जन-गण-मन Courtesy: knowindia.gov.in

राष्ट्र गान (National Anthem) – अपना प्यारा राष्ट्र गान ‘जन-गण-मन’ गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की मूल बंगाली कविता के पाँच पदों में से प्रथम पद का हिन्दी-देवनागरी में अनुवाद है। इसे 52 सेकंड में गाया जाता है। राष्ट्र गान को देश ने 24 जनवरी 1950 को स्वीकृत किया था। इसका एक छोटा संस्करण, जिसमें पहली दो और अंतिम दो पंक्तियाँ हैं, उसे लगभग 20 सेकंड में बजाया जाता है। राष्ट्र गान के बजते समय इसके सम्मान में सावधान की मुद्रा में खड़े होना अपेक्षित होता है।

राष्ट्र गीत: वन्दे मातरम् Courtesy: knowindia.gov.in

राष्ट्र गीत (National Song) – ‘जन-गण-मन’ के साथ-साथ भारत देश का एक राष्ट्रीय गीत भी है, ‘वन्दे मातरम्’। इसे राष्ट्र गान के समकक्ष प्रतिष्ठा और सम्मान प्राप्त है। यह बंकिम चन्‍द्र चटर्जी द्वारा मिश्रित संस्‍कृत-बांग्ला भाषा में उपन्यास ‘आनंद मठ’ में सम्मिलित है जिसे उपन्यास के एक पात्र भवानन्द नाम के संन्यासी द्वारा गाया गया है। इसका प्रथम पद ही राष्ट्र गीत के रूप में सम्मानित है। इसे गाने में लगभग 65 सेकंड का समय लगता है।

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राष्ट्रीय मुद्रा (National Currency) – भारत की मुद्रा ‘रुपया’ है, जिसके सौ भाग यानि कि 100 पैसे हैं। पहले इसका कोई एक पहचान चिन्ह नहीं था और इसे ‘रु’ या ‘INR’ लिख कर दर्शाया जाता था। किंतु 15 जुलाई 2010 को सरकार ने इसके लिए एक प्रतीक चिन्ह को स्वीकार किया जो देवनागरी लिपि के ‘र’ और रोमन लिपि के अक्षर ‘R’ को मिला कर बना है, जिसमें एक क्षैतिज रेखा भी बनी हुई है। यह रेखा हमारे राष्ट्रध्वज तथा बराबर के चिन्ह को प्रतिबिंबित करती है। भारतीय रुपए का प्रतीक चिन्ह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आदान-प्रदान तथा आर्थिक संबलता को परिलक्षित कर रहा है। रुपए का चिन्ह भारत के लोकाचार का भी एक रूपक है। इस चिन्ह का प्रारूप भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुम्बई के पोस्ट ग्रेजुएट डिजाइन श्री डी. उदय कुमार ने बनाया है। इसकी विशेषता है कि यह छोटे-से-छोटे अक्षरों (font size) में भी स्पष्ट छप जाता है।

आप रुपए के प्रतीक चिन्ह के डिजाइन का पूरा तर्क इस लिंक पर उपलब्ध स्लाईड्स में देख सकते है।

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राष्ट्रीय पंचांग (National Calendar) – भारत का राष्ट्रीय पंचांग शालिवाहन शक संवत् पर आधारित है, जिसे सरकारी प्रयोजनों यथा भारत के राजपत्र, आकाशवाणी समाचार, सरकारी कैलेंडर और लोक सदस्‍यों को संबोधित सरकारी सूचनाएं प्रेषित करने में प्रयोग किया जाता है। साथ ही ग्रेगोरियन कैलेंडर का भी प्रयोग होता है। इसे भारत ने 22 मार्च 1957 को अपनाया था, इसी दिन चैत्र माह का पहला दिन होता है, जहाँ से शक वर्ष प्रारंभ होता है। अतः यह पंचांग चैत्र माह से फाल्गुन माह तक चलता है। चैत्र, बैसाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण और भाद्र माह 31 दिनों के तथा आश्विन, कार्तिक, अग्रहयण, पौष, माघ और फाल्गुन 30 दिनों के होते है। हर चौथे वर्ष चैत्र 31 दिन का होता है लीप वर्ष को समायोजित करने के लिए और 22 के स्थान पर 21 मार्च को प्रारंभ हो जाता है।

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राष्ट्रीय पेड़ (National Tree) – बरगद (भारतीय बरगद या Banyan या Indian fig tree) ‘Ficus benghalensis’ को भारतीय राष्ट्रीय पेड़ होने का गौरव प्राप्त है। प्राचीन भारतीय साहित्य में इसे ‘कल्पवृक्ष’ अर्थात् ‘इच्छापूर्ति वृक्ष’ के नाम से संबोधित किया गया है। भारतीय सभ्यता, संस्कृति में इसका बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। इस पेड़ में शाखाओं से जड़ें फूट कर नए पेड़ों का रूप ग्रहण कर लेती हैं जिससे एक ही पेड़ में अनेक पेड़ों का आभास होने लगता है। इसी प्रकार यह वृक्ष आकार में फैलता जाता है। इसकी उम्र अत्यधिक लंबी होती है जिससे इसे अनश्वर भी माना जाता है। भारत के इतिहास और ग्रामीण जीवन में इस पेड़ का विशेष महत्व है। सनातन संस्कृति में इसका पूजन मुख्यतः होता है।

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राष्ट्रीय पक्षी (National Bird) – भारतीय मोर (Peacock या The Indian peacock) ‘Pavo cristatus’ भारत का राष्ट्रीय पक्षी है। यह एक रंगीन पक्षी है जो कुछ-कुछ हँस के आकार का होता है। इसकी गर्दन पतली और लंबी, आँखों के नीचे सफेद रंग, सिर पर पंखों की कलगी के साथ-साथ इसकी पूँछ की तरफ 200 के लगभग लंबे पंखों का गुच्छा होता है जिसे पंखे के आकार में फैला कर मोर मनमोहक नृत्य करता है। इस नृत्य को दरबारी नृत्य की संज्ञा दी जाती है। चमकीले नीले रंग के सीने और गर्दन के साथ नर मादा से अधिक रंगीन होता है। मादा भूरे रंग की होती है और इसके पंखों का गुच्छा भी नहीं होता है। इसे 1963 में राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया था। तब ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (Great Indian Bustard) पक्षी ने चयन के दौरान इसे कड़ी टक्कर दी थी।

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राष्ट्रीय पुष्प (National Flower) – कमल (Lotus) ‘Nelumbo nucifera Gaertn’ भारत का राष्ट्रीय पुष्प है। यह दलदल में अधिक सुगमता से उगता है,और  भारतीय सभ्यता और संस्कृति में इसे एक पवित्र और मांगलिक पुष्प का स्थान प्राप्त है। भारतीय वानस्पतिक सर्वे के अनुसार इसकी 47,000 से भी अधिक प्रजातियाँ विद्यमान हैं। इसका प्राचीन भारतीय गाथाओं, कला और मूर्तिकला में विशेष स्थान रहा है।

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राष्ट्रीय पशु (National Animal) – राजसी बाघ (Royal Bengal Tiger) ‘Panthera tigris’ को 1973 में टाइगर प्रजाति की रक्षा करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय पशु घोषित किया गया। उसी समय इनकी घटती जनसंख्या को संरक्षित तथा प्रजनन पर ध्यान देकर इनकी जनसंख्या बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट टाइगर का प्रारंभ किया गया। उसके पहले सिँह (गिर का सिँह या Lion) भारत का राष्ट्रीय पशु हुआ करता था। बाघ अपनी लावण्‍यता, ताकत, फुर्तीलेपन और अपार शक्ति के लिए जाना जाता है। इसकी आठ ज्ञात किस्मों में शाही बंगाल टाइगर पूर्वोत्तर को छोड़कर सम्पूर्ण भारत में पाया जाता है।

साभार: भारत सरकार की वेबसाईट प्रथम एवं द्वितीय

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इनके अतिरिक्त भी कुछ अन्य को भारत के राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह होने की मान्यता प्राप्त है, किंतु इन्हें आज की सरकारी वेबसाईट पर शामिल नहीं किया गया है।

साभार: भारत सरकार की पुरानी वेबसाईट लिंक

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राष्ट्रीय नदी (National River) – गंगा ‘The Ganges’ भारत की राष्ट्रीय नदी है। यह गंगोत्री हिमनद से उद्भव होती है और हिमालय में गोमुख नमक स्थान पर भागीरथी के नाम से अवतरित होती है। यह भारत की सबसे लंबी नदी है जो समुद्र में मिलने से पहले 2510 किमी से कुछ अधिक का मार्ग तय करती है। भारतीय सभ्यता में गंगा नदी को सबसे पवित्र माना जाता है। इसके द्वारा गंगा के मैदानी भागों का निर्माण होता है, जो अति उर्वर होते हैं और इसी कारण घनी जनसंख्या के क्षेत्र बन गए हैं। समुद्र के निकट पहुँच कर इसका पाट चौड़ा हो कर सुंदरवन डेल्टा का निर्माण करता है जहाँ के दलदली मैंग्रोव वनस्पति और जैव विविधता को आश्रय देते हैं। यह बंगाल की खाड़ी में समुद्र में मिल जाती है।

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राष्ट्रीय जलजीव (National Aquatic Animal) – गंगा नदी की डॉल्फिन ‘Platanista gangetica’ को 18 मई 2010 को भारत के पर्यावरण मंत्रालय ने देश का राष्ट्रीय जलजीव घोषित किया है। यह एक पवित्र जीव माना जाता है जो केवल स्वच्छ और ताजे बहते पानी में ही जीवित रह पाता है। इनको स्थानीय भाषा में ‘सुसु’ के नाम से भी जाना जाता है। यह गंगा, यमुना, चम्बल, ब्रह्मपुत्र इत्यादि नदियों और इनकी सहायक नदियों में पाई जाती हैं। यह एक लुप्तप्राय प्राणी है और इसकी संरक्षा के प्रयास जारी हैं।

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राष्ट्रीय फल (National Fruit) – आम (Mango) ‘Mangifera indica’, जिसे हम प्यार से फलों का राजा भी कहते हैं, भारत का राष्ट्रीय फल है। एक राष्ट्रीय फल के रूप में यह देश के समृद्ध, प्रचुर और विपुलता भरे चित्र को प्रस्तुत करता है। आम मूल रूप से भारत का ही फल है। इसकी 100 से अधिक किस्में मौजूद हैं। प्राचीन साहित्य में इसका उल्लेख बहुत अधिक मिलता है।

कुछ अन्य राष्ट्रीय प्रतीक चिन्हों का जिक्र भी पढ़ने में आता है किंतु इनको किसी भी आधिकारिक / सरकारी वेबसाईट पर शामिल नहीं किया गया है।

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राष्ट्रीय पारंपरिक पशु (National Heritage Animal) – भारतीय हाथी ‘Elephas maximus indicus‘ को कदापि 22 अक्टूबर 2010 को देश के पर्यावरण मंत्रालय द्वारा भारत के पारंपरिक पशु के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। यह मूलतः भारतीय पशु है। इस प्रजाति को खतरे में और लुप्त होती प्रजाति माना गया है। अनुमानतः भारत में लगभग 29000 हाथी हैं।

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राष्ट्रीय सरीसृप (National Reptile) – किंग कोबरा (King Cobra या नाग) ‘Ophiophagus hannah’ को भारतीय राष्ट्रीय सरीसृप का स्थान प्राप्त है। यह भारत और दक्षिणपूर्व एशिया के जंगलों में पाया जाता है। यह सबसे लंबे (लंबाई 19 फुट तक) और जहरीले सांपों में गिन जाता है। यह 25 वर्ष तक की उम्र का स्वामी हो सकता है। यह एक दंत काट में ही 6 मिली तक जहर शत्रु के शरीर में डाल सकते हैं। भारतीय संस्कृति में इन्हें विशेष स्थान प्राप्त है और इनकी पूजा की जाती है। इन्हें अति पवित्र माना जाता है।

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राष्ट्रीय सब्जी (National Vegetable) – कद्दू (Pumpkin) ‘Cucurbita maxima‘ को राष्ट्रीय सब्जी के रूप में बताया जाता है। कद्दू को लगभग पूरे भारतवर्ष में भिन्न-भिन्न रूपों में बनाया और पसंद किया जाता है। इसका पौधा एक बेल की तरह होता है, जिसमें बड़े पत्तों के साथ बड़े-बड़े फल लगते है। अतः इसकी बेल को जमीन पर या छत पर ही फैलने दिया जाता है। इसमें बड़ी मात्रा में पौष्टिक तत्व और आयुर्वेदिक गुण होते हैं। कचौड़ियों के साथ इसका पुराना रिश्ता है क्योंकि यह ठंडा, कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाला और मेथी के साथ मिल कर पेट को बाँधने वाला होता है।

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राष्ट्रीय खेल (National Sport) – व्यक्तिगत तौर पर मैं भी हॉकी को भारत का राष्ट्रीय खेल बचपन से सुनता और मानता आया हूँ। किंतु हाल ही में सूचना के अधिकार के अंतर्गत विभिन्न व्यक्तियों द्वारा मांगी गई जानकारी के उत्तर में भारतीय सरकार ने इसको नकार दिया है। उनके अनुसार कोई भी अधिकारी प्रपत्र हॉकी को कभी भी राष्ट्रीय खेल घोषित किए जाने की पुष्टि नहीं करता है। अब 2018 में ओड़िशा सरकार की ओर से इसे राष्ट्रीय खेल घोषित करने की संस्तुति केंद्र सरकार से की गई है।

साभार: Wikipedia

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